भूल स्वीकारिए, पत्रकारिता सुधारिए

bhool-sveekaarie-patrakaarita-sudhaari-mukeshkumar
भूल स्वीकारिए, पत्रकारिता सुधारिए
पिछले दिनों अमेरिका के सर्वाधिक प्रतिष्ठित अख़बार द गार्डियन ने एक पाठक की शिकायत पर सार्वजनिक तौर पर न केवल खेद प्रकट किया बल्कि फर्ज़ी रिपोर्ट लिखने वाले लेखक को प्रतिबंधित कर दिया। यही नहीं, उसके द्वारा पिछले बारह साल में लिखी गई तमाम रिपोर्ट और लेखों को उसने अपने आर्काइव से हटा दिया। ये एक बड़ी बात तो थी लेकिन कोई असामान्य नहीं। टेबलॉयड संस्कृति की पैदाइश पत्र-पत्रिकाओं को छोड़ दें तो पश्चिम के तमाम प्रतिष्ठित समझे जाने वाले मीडिया संस्थान इस बात का ध्यान रखते हैं कि यदि कोई ऐसी चूक हुई है जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांतो के विरूद्ध है और इसका उसकी प्रतिष्ठा पर विपरीत असर पड़ सकता है तो वह तुरंत माफ़ी मांगता है और कसूरवार को दंडित करने में भी देरी नहीं करता। Read More at Deshkaal
Previous
Next Post »